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Toggleरात 8 बजे जब बच्चे घर जा चुके होते हैं और school का gate बंद हो जाता है, तब एक Chowkidar की duty शुरू हो जाती है। अगली सुबह school खुलने तक वह वहीं रहता है। Sunday हो, त्योहार हो या गर्मी की छुट्टियां हों, उसकी duty चौबीसों घंटे चलती है। चोरी या नुकसान हो जाए तो नौकरी जाने का डर भी रहता है। फिर भी उसे “leave substitute” कहकर सालों तक सिर्फ minimum wages दी जाती हैं।
MCD Chowkidar regularization से जुड़े एक महत्वपूर्ण award में Delhi के Industrial Tribunal-I ने MCD school में 2008 से काम कर रहे एक Chowkidar को initial date of joining से regular employee मानने का आदेश दिया है। Tribunal ने केवल regularization ही नहीं, बल्कि equal pay for equal work, regular Chowkidar की salary का अंतर और 8 घंटे से ज्यादा काम के लिए double overtime wages देने का भी निर्देश दिया।
यह मामला MCD schools के 22 Chowkidars से जुड़े एक reference का हिस्सा था। बाद में हर worker का claim अलग से सुना गया, और यह award उनमें से एक Chowkidar के मामले में है।
MCD Chowkidar Regularisation का मामला क्या था?
MCD का कहना था कि यह Chowkidar सिर्फ leave substitute है। यानी जब कोई regular Chowkidar छुट्टी पर जाए, तब उसकी जगह काम करने वाला। इसलिए उसे regular कर्मचारियों जैसी salary या पक्की नौकरी का हक नहीं है।
लेकिन Tribunal में MCD के अपने अधिकारी (management witness) ने cross-examination में कई अहम बातें मानीं:
- इन Chowkidars का काम, ज़िम्मेदारी और duty regular Chowkidars जैसी ही हैं।
- MCD में Chowkidar के पद sanctioned posts हैं, जिन पर regular pay scale मिलता है।
- इन workers को सिर्फ unskilled श्रेणी की minimum wages मिलती हैं, जबकि regular Chowkidar को लगभग 2½ गुना salary और दूसरे फायदे मिलते हैं।
- इन्हें Earned Leave, Casual Leave या Sick Leave नहीं मिलती। हफ्ते की छुट्टी भी बिना वेतन की होती है, क्योंकि salary सिर्फ 26 दिनों की मिलती है।
- MCD schools में Chowkidar का काम 1958 से चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा।
- MCD ऐसा कोई record पेश नहीं कर पाया जिससे दिखे कि कोई regular कर्मचारी छुट्टी पर था और उसकी जगह यह worker रखा गया।
यानी “leave substitute” का दावा कागज़ पर तो था, लेकिन उसके पक्ष में कोई सबूत नहीं था।
16 घंटे की रात, 64 घंटे का weekend
Overtime के सवाल पर MCD के गवाह ने duty की पूरी तस्वीर खुद बताई। Single-shift schools में Chowkidar शाम 4 बजे आते हैं और अगली सुबह 8 बजे तक रहते हैं। Sunday को duty Saturday शाम 4 बजे से Monday सुबह 8 बजे तक चलती है। Second Saturday हो तो Friday शाम से Monday सुबह तक। Double-shift schools में duty रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक होती है।
MCD schools साल में करीब 222 दिन खुलते हैं। बाकी लगभग 143 दिन, यानी छुट्टियों और vacations में, ये Chowkidar round-the-clock duty करते हैं। MCD के गवाह ने यह भी माना कि सामान्य working hours 8 घंटे हैं, और 8 घंटे से ज़्यादा काम के लिए इन workers को कोई overtime नहीं दिया गया।
कानून क्या कहता है
- सालों तक “अस्थायी” रखना unfair labour practice है। Industrial Disputes Act की Section 2(ra) और Fifth Schedule का Item 10 कहते हैं कि workers को badli, casual या temporary के रूप में सालों तक रखना, ताकि उन्हें permanent का दर्जा और फायदे न देने पड़ें, unfair labour practice है।
- इरादा साबित करने का बोझ worker पर नहीं है। Supreme Court ने Chief Conservator of Forests vs. Jagannath Maruti Kondhare ने कहा है कि worker से यह साबित करने की उम्मीद नहीं की जा सकती कि employer का इरादा उसे पक्का दर्जा न देने का था। अगर कोई सालों तक casual या temporary रखा गया है, तो यह इरादा उसी से समझा जा सकता है।
- Uma Devi फैसला Industrial Tribunal का रास्ता नहीं रोकता। सरकारी विभाग अक्सर Uma Devi (2006) का हवाला देकर कहते हैं कि लंबी सेवा से regularization का हक नहीं बनता। लेकिन Delhi High Court (Project Director, Dept. of Rural Development vs. Its Workmen) और Supreme Court (MSRTC vs. Casteribe, ONGC vs. Petroleum Coal Labour Union) के मुताबिक, unfair labour practice वाले मामलों में Industrial Tribunal regularization का आदेश दे सकता है। Supreme Court ने Jaggo vs. Union of India (2025) और Dharam Singh vs. State of U.P. (2025) में यह भी कहा है कि Uma Devi को लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
- Equal Pay for Equal Work। Supreme Court (Dhirendra Chamoli और State of Punjab vs. Jagjit Singh) के मुताबिक, जो worker regular कर्मचारी जैसा ही काम करता है, वह उसी salary का हकदार है।
Tribunal ने MCD की दलीलों पर क्या कहा
“Worker ने undertaking दी थी”: MCD ने कहा कि worker ने लिखकर दिया था कि वह regularization, overtime या equal pay नहीं मांगेगा। Tribunal ने document देखा और पाया कि यह worker की undertaking नहीं, बल्कि MCD का पहले से typed office order था। Tribunal ने कहा कि ऐसी शर्त Industrial Disputes Act से ऊपर नहीं हो सकती। नौकरी की ज़रूरत वाला worker employer की बनाई शर्तों पर मोलभाव नहीं कर सकता। सालों तक अस्थायी रखने और मजबूरी में sign करवाई गई शर्तों का यही सवाल हाल में DTC Conductor की regularization से जुड़े फैसले में भी उठा था।
“हमारी Phased Manner Regularization Policy है”: MCD ने कहा कि वह posts और funds के हिसाब से, seniority के आधार पर, धीरे-धीरे पक्की करती है। Tribunal ने कहा कि सिर्फ policy का नाम लेना काफी नहीं है। MCD को दिखाना होगा कि policy इस worker पर कैसे लागू की गई, और MCD यह नहीं दिखा पाया। Tribunal के मुताबिक यह policy workers को हमेशा daily wage पर रखकर minimum wages में पक्का काम करवाने का ज़रिया नहीं बन सकती।
“Sanctioned posts नहीं हैं”: MCD के अपने गवाह ने माना था कि Chowkidar के पद sanctioned हैं। Tribunal ने यह भी कहा कि स्थायी काम के लिए पद बनाना सरकार की ज़िम्मेदारी है, और financial constraints का बहाना इससे नहीं बचा सकता।
“Union ने मामला ठीक से नहीं उठाया”: Tribunal ने यह आपत्ति भी खारिज की। Union का espousal resolution और conciliation में दाखिल claim रिकॉर्ड पर साबित थे। MCD ने इसके खिलाफ कोई सबूत नहीं दिया।
MCD Chowkidar Regularization पर Industrial Tribunal ने क्या आदेश दिया?
Tribunal ने माना कि MCD ने worker को स्थायी प्रकृति के काम पर leave substitute/daily wager बनाकर सालों तक रखा। यह Item 10 के तहत unfair labour practice है। इसलिए:
- Regularization: Join करने की तारीख (2008) से Chowkidar के पद पर regular pay scale में पक्का किया जाए, सभी consequential benefits के साथ।
- Equal Pay for Equal Work: Join करने की तारीख से regular Chowkidar वाली salary का अंतर।
- Double Overtime: अब तक किए गए overtime के लिए regular Chowkidar की wages की दोगुनी दर से भुगतान।
- Deadline: Award publish होने के 60 दिनों के भीतर लागू करना होगा। ऐसा न होने पर reference की तारीख (अक्टूबर 2024) से भुगतान तक 8% सालाना ब्याज देना होगा।
Overtime के सवाल पर Tribunal ने कहा कि दोगुनी दर से overtime का नियम workers को शोषण से बचाता है। ज़्यादा घंटे काम करने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर की भरपाई में भी यह मदद करता है।
यह फैसला क्यों अहम है
यह मामला सिर्फ एक Chowkidar का नहीं है। सरकारी संस्थाओं में बहुत से लोग “leave substitute”, “daily wager” या “muster roll” के नाम पर सालों से वही काम कर रहे हैं जो पक्के कर्मचारी करते हैं, और उससे कहीं कम salary पर। इस award से कुछ बातें साफ होती हैं:
- लेबल नहीं, असली काम देखा जाएगा। “Leave substitute” कहने भर से कोई worker अस्थायी नहीं हो जाता। Employer को record से यह साबित करना होगा।
- Employer का गवाह भी आपका सबूत बन सकता है। इस मामले में MCD के अपने अधिकारी की cross-examination से ही worker का case साबित हुआ।
- Undertaking या policy कानून से ऊपर नहीं। नौकरी के समय sign करवाई गई शर्तें या “phased policy” हक नहीं छीन सकतीं।
- Overtime का हक अलग से बनता है। 8 घंटे से ज़्यादा काम के लिए double wages का सवाल regularization के साथ उठाया जा सकता है।
ऐसे हालात में कर्मचारी क्या समझें?
- Regularization का dispute अकेले नहीं, union के ज़रिए। Tribunal ने साफ किया कि termination के अलावा regularization जैसे मामलों में dispute को union या workers के समूह द्वारा उठाया (espouse) जाना ज़रूरी है।
- Duty के घंटों का रिकॉर्ड रखें। Duty roster, attendance या छुट्टियों में duty के निर्देश जैसे कागज़ जहां तक हो सके संभालकर रखें।
- Service record employer के पास होता है। इस मामले में MCD ने माना कि attendance समेत पूरा record उसके पास है, फिर भी उसने record पेश नहीं किया।
- हर case अपने facts पर तय होता है। यह award एक worker के मामले में है। इसके कानूनी सिद्धांत मिलते-जुलते मामलों में उठाए जा सकते हैं, लेकिन नतीजा हर case के सबूतों पर निर्भर करेगा।
आगे क्या
Award सरकार को publication के लिए भेजा गया है, और publication के बाद MCD के पास इसे लागू करने के लिए 60 दिन होंगे। MCD award लागू करता है या High Court में चुनौती देता है, यह देखना बाकी है। कोई भी update इसी article में जोड़ा जाएगा।
MCD कर्मचारियों के वेतन से जुड़े एक और मामले में Delhi High Court ने Fast Track Committee के आधार पर pharmacists के arrears वाला Labour Court आदेश सही ठहराया.
यह article सामान्य कानूनी जानकारी और जागरूकता के लिए है। यह किसी काम के लिए advertisement या solicitation नहीं है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
हां, अगर वह असल में सालों से स्थायी काम कर रहा है। इस मामले में MCD यह साबित नहीं कर पाया कि worker किसी छुट्टी पर गए कर्मचारी की जगह पर रखा गया था, इसलिए Tribunal ने regularization का आदेश दिया।
इस award में Tribunal ने 8 घंटे से ज़्यादा काम के लिए regular Chowkidar की wages की दोगुनी दर से overtime देने का आदेश दिया।
Tribunal ने कहा कि Uma Devi की रोक Industrial Tribunal के मामलों पर इस तरह लागू नहीं होती। Unfair labour practice साबित होने पर Tribunal regularization का आदेश दे सकता है।
इस मामले में नहीं हुआ। Tribunal ने कहा कि ऐसी पहले से typed शर्त Industrial Disputes Act से ऊपर नहीं हो सकती, क्योंकि worker के पास मोलभाव की ताकत नहीं होती।
Award publish होने के 60 दिनों के भीतर। ऐसा न होने पर reference की तारीख से 8% सालाना ब्याज देना होगा।
